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World Post Day : जानें कैसे हुई देश में डाक की शुरुआत

पोस्ट यानी डाक आज भी देशभर में काम में लिए जाते हैं. हालाँकि इसका उपयोग कुछ कम हो गया है लेकिन आज भी ये काम आते हैं. इसी के चलते ये आज दुनिया का सबसे बड़ा पोस्टल नेटवर्क बन चुका है. वहीं देश भर में 31 मार्च, 2008 तक 1,55,035 डाक घर थे, जिनमें से 1,39,173 डाक घर ग्रामीण क्षेत्रों और 15,862 शहरी क्षेत्रों में थे और अब ये पोस्टल नेटवर्क इस सात गुना विकास कर विश्व का सबसे बड़ा पोस्टल नेटवर्क है. आइये जानते हैं इसके बारे में कुछ खास बातें.

देश में डाक व्यवस्था की शुरुआत
जानकारी दे दें, देश में आधुनिक डाक व्यवस्था की शुरुआत 18वीं सदी से पहले हुई. वर्ष 1766 में लॉर्ड क्लाइव द्वारा स्थापित डाक व्यवस्था का विकास वारेन हेस्टिंग्स ने वर्ष 1774 में कोलकाता जीपीओ की स्थापना कर के किया. इसके अलावा चेन्नई और मुंबई के जनरल पोस्ट ऑफिस साल 1786 और 1793 में अस्तित्व में आये थे.

हर साल मनाया जाता है वर्ल्ड पोस्ट डे
आप नहीं जानते हैं तो आपको बता देते हैं कि विश्व डाक दिवस यानी वर्ल्ड पोस्ट डे 9 अक्टूबर को मनाया जाता है. इसको मनाने का मुख्य उद्देश्य है ग्राहकों को डाक विभाग के बारे में जानकारी देना है, उन्हें जागरूक करना है. साथ ही इस दिन को स्विट्जरलैंड के बर्न में वर्ष 1874 में यूनिवर्सल पोस्टल यूनियन (यूपीयू) की स्थापना की याद में मनाया जाता है.

खास बात बता दें, हमारा देश भी 1 जुलाई, 1876 में यूनिवर्सल पोस्टल यूनियन का सदस्य बना था. इस सदस्यता को लेने वाला भारत एशिया का पहला देश है. वहीं 1 अक्टूबर, 1854 में भारत सरकार ने डाक के लिए एक विभाग की स्थापना की थी.

पोस्टल नेटवर्क में चार श्रेणियों के डाक घर हैं – प्रधान डाक घर, उप डाक घर, अतिरिक्त विभागीय उप डाक घर और अतिरिक्त विभागीय शाखा डाक घर. सभी डाक घर एक जैसी पोस्टल सेवाएं प्रदान करते हैं. हालांकि, डिलीवरी का काम विशिष्ट डाक घरों के जिम्मे रहता है.

जानें रोचक तथ्य

– अंतरराष्ट्रीय डाक सेवा दिवस : 9 अक्टूबर (1969 से)
– भारत में पहला पोस्ट ऑफिस : 1774, कोलकाता
– स्पीड पोस्ट भारत में कब शुरू हुआ : 1986
– मनी ऑर्डर सिस्टम कब शुरू हुआ : 1880
– पहला डाकघर जो भारतीय सीमा के बाहर है : दक्षिण गंगोत्री, अंटार्टिका (1983)

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Shivakanya

Just a tech-loving girl, who loves to program and write. 😉

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